सफलता के लिए नरक चौदस पर जरूर करें ये उपाय लाभ मिलेगा !!

1- दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी होती है। इसे छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं में जिक्र है कि इस दिन भगवान कृष्‍ण ने नरकासुर नाम के राक्षस का वध किया था। इस दिन यमराज को भी प्रसन्‍न करने के लिए भी पूजा होती है।

 

2- यह पूजा और उपाय करने से मनुष्‍य नर्क में मिलने वाली यातनाओं से बच जाता है। शास्‍त्रों की माने तो लक्ष्‍मी जी वहीं वास करती हैं जहां स्‍वच्‍छाता और पवित्रता होती है। लक्ष्‍मी जी की प्राप्ति के लिए लोग घरों की सफाई करते हैं। नरक का अर्थ होता है गंदगी जिसका अंत करना भी बेहद आवश्‍यक है।

 

3- दिवाली के मौके पर लोग साफ-सफाई को बहुत महत्‍व देते हैं। इस मौके पर माता लक्ष्‍मी की गणेश जी के साथ पूजा-अर्चना होती है। लक्ष्‍मी-गणेश का स्‍वागत करने के लिए लोग अपने घरों को साफ करने में जुट जाते हैं। रंग-रोगन का काम शुरु हो जाता है। इस दौरान घरों को आकर्षक अंदाज में सजाने की परंपरा है।

 

4- छोटी दिवाली के दिन अपने घर की सफाई करना बहुत जरूरी होता है। इस दिन घर के हर कोने की सफाई होनी चाहिए। घर की सफाई के साथ तन और मन की सफाई भी जरूरी है। इसलिए उभटन लगा कर स्‍नान करना चाहिए। नरक चौदस के दिन तिल के तेल में 14 दीपक जलाने की परंपरा है। कार्तिक मास कृष्‍ण पक्ष की चतुर्दशी नरक चौदस, रूप चतुर्दशी और छोटी दिवाली के नाम से जानी जाती है।

 

5- इस दिन घर की सफाई के दौरान निकला टूटा-फूटा सामान भी फेंक देना चाहिए। घर में टूटा-फूटा सामान रखना वास्‍तुदोष माना जाता है। घर में रखे काली पेंट के डिब्‍बे, रद्दी, टूटे-फूटे कांच या धातु के बर्तन किसी प्रकार का टूटा हुआ सजावटी सामान, बेकार पड़ा फर्नीचर व अन्‍य प्रयोग में ना आने वाली वस्‍तुओं को नरक माना जाता है। इसलिए ऐसी बेकार वस्‍तुओं को घर में नहीं रखना चाहिए।

 

6- कचरे को एकत्र कर डिब्‍बे या पॉलीथिन में बंद कर कचरे के डिब्‍बे में ही फेकना चाहिए। इसे कहीं भी नहीं फेका जाता है। कचरे को रोड पर यूं ही फेक देना ठीक नहीं होता है। इससे भी गंदगी फैलती है। स्‍वच्‍छता मुनुष्‍य के स्‍वास्‍थ के लिए भी आवश्‍यक है।

 

7- वास्‍तु शास्‍त्र में कचरे और गंदगी नकारात्‍मक ऊर्जा के सबसे बड़े स्‍त्रोत माने गए हैं। इसलिए समृद्धि को आकर्षित करने के लिए घर के कचरे के साथ ही साथ मन के कचरे को भी साफ करना बेहद जरूरी है।

 

8- इस दिन शाम के समय 4 बत्‍ती वाला मिट्टी का दीपक पूर्व दिशा में अपना मुख कर के घर के मुख्‍य द्वार पर रखना चाहिए। इस दिन नीले और पीले रंग के वत्र पहन की यम की पूजा करनी चाहिए।

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