इन सामान्य लक्षणों को पहचानकर बच सकते है माइग्रेन से

आज माइग्रेन ने लगभग तीन चौथाई लोगों को जकड़ रखा है और इससे सबसे अधिक प्रभावित है युवा वर्ग। इसके लक्षण सामान्य सिरदर्द की तरह होने के कारण लोग अक्सर इसके प्रति लापरवाह होते है और उनकी यही लापरवाही उन्हें महँगी पड़ सकती है इसलिए आइये जानते है माइग्रेन से बचने के लिए इससे जुड़ी कुछ जरुरी बातें।

माइग्रेन के लक्षणों को ऐसे पहचाने

feedaddy_of_migraine
माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें सिर के पिछले हिस्से में गर्दन के पास से लेकर पूरे सिर में बहुत भंयकर दर्द होता है, शरीर की वो प्रक्रियाएं जो साधारण सिरदर्द में होती हैं वो माइग्रेन में नहीं होती हैं ।

दो प्रकार का होता है माइग्रेन

feedaddy_of_to_type_of_migraine
माइग्रेन 2 प्रकार का होता है पहला जब माइग्रेन का दर्द द्रष्टि सम्बंधित हो यानि दर्द शुरू होने के 10 -15 मिनिट पहले से ही द्रष्टि में गड़बड़ी दिखाई दे तो उसे क्लासिकल माइग्रेन और दूसरा यदि ये अन्य दूसरे लक्षणों के साथ शुरू हो तो इसे नॉन-क्लासिकल माइग्रेन कहते है ।

जानिये किन कारणों से होता है माइग्रेन

feedaddy_of_learn_what_causes_migraine
सीरोटोनिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर माइग्रेन के होने में मुख्य भूमिका अदा करता है। इसके अलावा भावनाओं को दबाने से,अनुवांशिकी, मौसमी परिवर्तन और जिन लोगों को उच्च या निम्न रक्तचाप, मधुमेह और तनाव जैसी समस्याएं होती हैं उनमे माइग्रेन का शिकार होने की संभावना बढ़ जाती है।

कैसे कम करे माइग्रेन का दर्द

feedaddy_of_how_-to_reduce_the_-pain_of_migraine
संतुलित आहार व संतुलित दिनचर्या का पालन करके माइग्रेन की संभावना को कम किया जा सकता है, दिन में कम से कम 12 से 14 गिलास पानी ज़रूर पीये। आप ध्यान, योगासन, एक्यूपंक्चर या अरोमा थेरेपी जैसी चिकित्‍सा प्रणाली का भी सहारा लेकर इससे काफी हद तक छुटकारा पा सकते है ।

ये उपाय होते है माइग्रेन में फायदेमंद

feedaddy_of_these_measures_are_beneficial_in_migraine
जितना सम्भव हो दबाव या चिंता से दूर रहने के साथ ही समय पर सोने और उठने की आदत बना लें, प्रोटीन युक्त भोजन व हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ गाजर व खीरा भोजन में शामिल करना माइग्रेन में बहुत फायदेमंद होता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *